Monday, 11 January 2016

प्रश्न पत्र िमलते ही न हो उत्तावले


परीक्षा में सफलता के िलए िजतना महत्वपूर्ण है अध्ययन ,उससे कम महत्वपूर्ण नहीं है उत्तर िलखने का तरीका । तमाम छात्र सही उत्तर जानते हुए भी प्रश्न काे स्टीक तरीके से हल नहीं कर पाते है । कुछ बच्चें समय का उपयोग नहीं कर पाते है आैर आधा अधूरा उत्तर िलखकर उत्तर पुस्तिका जमा कर देते है। प्रश्न पत्र हल करने का सही तरीका यह है िक परीक्षा कक्ष में प्रश्न पत्र िमलते ही उतावले न हो जाये पहले शांत चित्त से पूरे प्रश्न पत्र काे पढ़े , यह समझे िक िकस प्रश्न में क्या पूछा गया है , प्रश्न के िकतने खंड हैं, प्रत्येक के िलए िकतने अंक है आैर िकतने शब्दों में उत्तर को लिखना है ।

सम्पूर्ण प्रश्न पत्र काे ध्यान से पढ़ने के बाद िजसका उत्तर सबसे अच्छी तरह से याद हो उसे िलखें। प्रश्न पत्र में पूछे गये क्रम के अनुसार ही उत्तर िलखने का प्रयाय करें । अ ,ब,स,द ,वाले प्रश्नों का उत्तर ध्यान से दें । यदि िकसी प्रश्न के कर्इ खंड है ताे प्रयास करें िक सभी खंडों के उत्तर एक साथ क्रमवर िलखें जाये। उत्तर िलखते समय प्रश्न संख्या ,खंड अाैर उपवर्ग आदि को साफ स्पष्ट व मोटे अक्षरों में िलखें। िजस खंड से जितने उत्तर िलखने है उतने ही िलखें एक ही खंड से ज्यादा प्रश्नों के उत्तर िलखने से अंक नहीं मिलते है पर समय खराब जरूर होता है । टिप्पणी व अनिवार्य प्रश्नों के उत्तर के िलए िजतने शब्दों में उत्तर देने को कहा गया है उतने ही शब्दों में उत्तर दें इस बात का विशेष ध्यान रखें। शब्द सीमा का कड़ार्इ से पालन करें । अनावश्यक विस्तार से बचें। महत्वपूर्ण अंश िजनकी तरफ परीक्षक का ध्यान आक्रष्ट हों उन्हें रेखांिकत या हाइलाइट करें या अलग रंग के पेन से िलखे । प्रत्येक प्रश्न की खत्म होने पर दो , तीन लाइन छोड़कर दूसरें प्रश्न का उत्तर दें। उत्तर लिखने के िलए हमेशा नीली स्याही िक कलम का उपयोग करें । विशेष उत्तरों व मुख्य िबंदुआें के िलए काली स्केच पेन का प्रयोग करें। लेकिन लाल, हरा पेन प्रयोग न करें क्योंकि परीक्षक लाल इंक की पेन से
लिखे उत्तरों का मूल्यांकन नहीं करता है।

नाेटः
प्रश्न पत्र मिलते ही उतावले न हो जाएँ।
िजन प्रश्नों का उत्तर सही से न याद हो तो उसे सबसे पहलें न करें।
पूछे गये क्रम के अनुसार ही उत्तर लिखने िक कोशिश करें।
शब्दों की सीमा का विशेष पालन करें ।
महत्वपूर्ण अंशों को रेखांिकत करें।

महात्मा गाँधीः
                  ''' िजसे पुस्तक पढ़ने का शौक है,वह सब जगह सुखी रह सकता है।''

महात्मा बु़द्घः 
             '' लगन से ज्ञान की प्राप्ति होती है , लगन के अभाव में ज्ञान खो जाता है । पाने व खोने से इस दोहरी राह के परिचित को चाहिए कि वह अपने आपको एेसा रखे कि ज्ञान बढ़ता जाए।''

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