परीक्षा के दिन की तैयारी जिस
दिन परीक्षा हो उस दिन भी परीक्षार्थी काे नियमित दिनचर्या के हिसाब से
उठना चाहिए हड़बड़ी में उठकर सुबह पढ़ार्इ करने की प्रव्रित्त से बचना
चाहिए जल्दी उठने के कारण अमूनन आलस्य महसूस होता है जिसका असर दिनभर रहता
है परीक्षा के पहले दिन परीक्षा केंद्र में अपनी सीट आदि का पता लगाना होता
है , इसलिए परीक्षा केंद्र पर आधा घंटे पहले पहुँचे परीक्षा कक्ष में
पहुँचने के पहले परीक्षा का डर अपने उपर हावी न होने दें कक्ष में अपनी सीट
पर आराम से बैठें व आस-पास चेक कर लें कि कोर्इ कागज या नकल पर्ची सीट पर
या आपके आस-पास है तो नहीं यह चेष्टा व सावधानी तनाव से दूर रखती है प्रश्न
पत्र मिलते ही घबराए नहीं ,बल्कि धीरे-धीरे क्रमबद्घ तरीके से प्रत्येक
प्रश्न को पढ़े जो प्रश्न समझ में न आ रहा हो उसे दोबारा पढ़े शांत मन से
पढे़ इससे भूली हुर्इ चीजे भी याद आ जाती है यह समझ लेने के बाद कि क्या
उत्तर माॅंगा गया है लिखना शुरु कर दें इसके बाद उत्तर पुस्तिका पर रोल नं आदि इत्मिनान से भरें कापी में हांसिया वगैरह छोड़ दें।
उत्तर लिखने में लगने वाले समय के बारे मेें अनुमान लगा लें प्रश्नों को हल करते समय कुल समय को सभी प्रश्नों की संख्या में बराबर बाॅंट लें इससे प्रत्येक प्रश्न के लिए एक समय तय हो जाएगा इससे ये फायदा होता है कि कोर्इ प्रश्न छूटता नहीं है पहले अति लघु संक्षिप्त प्रश्नों को हल करें ,क्याेंकि लम्बेे उत्तर वाले प्रश्नों की अपेक्षा यह ज्यादा अंकदायी होता है किसी भी प्रश्न का उत्तर देते समय आठ या दस वाक्याें के बाद पैरा अवश्य बदलें पैराग्राफ शुरु करते समय कुछ सैकेण्ड़ यह सोचने में बिताए कि किस पैरा में किस बिन्दु पर जोर देना है फिर लिखते समय उसी बिंदु से संबंधित तथ्यों को व्यक्त करें।
प्रश्नाें के उत्तर लिखते वक्त एक ही बात को बार-बार नहीं दोहराना चाहिए सबसे पहले उन प्रश्नों को हल करें जिसका उत्तर अच्छी तरह आता हो इससे ये फायदा हाेता है कि जब परीक्षक कापी चेक करता है तो उस पर परीक्षार्थी की मेधा का प्रभाव पड़ता है अाैर वो फस्ट इम्प्रेशन के कारण आगे के उत्तरों जाॅंचते समय पूरा ध्यान देता है व लिखावट पर भी ध्यान देता है व कार्य साफ व स्वच्छ करें परीक्षा के खत्म होने के बाद यह न भूलें कि अगले दिन या एक दिन के बाद दूसरा पेपर भी है आैर उसकी भी तैयारी करनी है इसलिए जो पेपर दें चुके है उसके बारे में न सोचे पेपर के दौरान मनोरंजन के लिए इनडाेर गेम खेल कर दिमाग काे ताजा करे आउटडोर गेम थका देने वाले होते है इसलिए इनसे बचे।
खास टिप्पस
पेपर के दिन दैनिक दिनचर्या के हिसाब से ही सोकर उठे।
परीक्षा केंद्र पर कम से कम १५ मिनट पहले पहुॅुंचे ।
परीक्षा कक्ष में आराम से बैठे आैर आस -पास कोर्इ नकल का समान या पर्चा तो नहीं है देख लें।
प्रश्न पत्र मिलने से पहले कापी में अनुक्रमांक सही से भरें।
परीक्षा खत्म होते ही सीधे घर पहुँचे ।
उत्तर लिखने में लगने वाले समय के बारे मेें अनुमान लगा लें प्रश्नों को हल करते समय कुल समय को सभी प्रश्नों की संख्या में बराबर बाॅंट लें इससे प्रत्येक प्रश्न के लिए एक समय तय हो जाएगा इससे ये फायदा होता है कि कोर्इ प्रश्न छूटता नहीं है पहले अति लघु संक्षिप्त प्रश्नों को हल करें ,क्याेंकि लम्बेे उत्तर वाले प्रश्नों की अपेक्षा यह ज्यादा अंकदायी होता है किसी भी प्रश्न का उत्तर देते समय आठ या दस वाक्याें के बाद पैरा अवश्य बदलें पैराग्राफ शुरु करते समय कुछ सैकेण्ड़ यह सोचने में बिताए कि किस पैरा में किस बिन्दु पर जोर देना है फिर लिखते समय उसी बिंदु से संबंधित तथ्यों को व्यक्त करें।
प्रश्नाें के उत्तर लिखते वक्त एक ही बात को बार-बार नहीं दोहराना चाहिए सबसे पहले उन प्रश्नों को हल करें जिसका उत्तर अच्छी तरह आता हो इससे ये फायदा हाेता है कि जब परीक्षक कापी चेक करता है तो उस पर परीक्षार्थी की मेधा का प्रभाव पड़ता है अाैर वो फस्ट इम्प्रेशन के कारण आगे के उत्तरों जाॅंचते समय पूरा ध्यान देता है व लिखावट पर भी ध्यान देता है व कार्य साफ व स्वच्छ करें परीक्षा के खत्म होने के बाद यह न भूलें कि अगले दिन या एक दिन के बाद दूसरा पेपर भी है आैर उसकी भी तैयारी करनी है इसलिए जो पेपर दें चुके है उसके बारे में न सोचे पेपर के दौरान मनोरंजन के लिए इनडाेर गेम खेल कर दिमाग काे ताजा करे आउटडोर गेम थका देने वाले होते है इसलिए इनसे बचे।
खास टिप्पस
पेपर के दिन दैनिक दिनचर्या के हिसाब से ही सोकर उठे।
परीक्षा केंद्र पर कम से कम १५ मिनट पहले पहुॅुंचे ।
परीक्षा कक्ष में आराम से बैठे आैर आस -पास कोर्इ नकल का समान या पर्चा तो नहीं है देख लें।
प्रश्न पत्र मिलने से पहले कापी में अनुक्रमांक सही से भरें।
परीक्षा खत्म होते ही सीधे घर पहुँचे ।
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