आर्इ आर्इटी कानपुर का यूएवी बनेगा सीमा का प्रहरी
कानपुर में आर्इआर्इटी के अनमेड व्हीकल का इस्तेमाल बीएसएफ करने जा रही है । इस तकनीक को उपयुक्त बताते हुए बीएसएफ सिग्नल कोर ने बुधवार को इसके उपयोग को मंजूरी दे दी है। यूएवी का तकनीकी परीक्षण अप्रैल से राजस्थान में शुरू होगा इसमें सफलता के बाद इस तकनीक का उपयोग सीमा सुरक्षा आैर उसकी निगरानी में किया जाएगा ।
आर्मी सिग्नल कोर के हेड मेजर जनरल संदीप शर्मा ने मंगलवार को आर्इआर्इटी की एयरों स्पेस इंजीनियरिंग लैब देखी आैर अनमैंड एरियल व्हीकल की खासियत जानी इसके बाद बुधवार को परीक्षण का समय तय कर दिया गया १० किलोग्राम का यूएवी बनाने वाले प्रो.एके घोष व प्रो.दीपू फिलिप का कहना है कि यह यूएवी जमीन से पाँच हजार फीट की उँचार्इ में १०० किलोमीटर की रफतार से उड़ने में सक्षम है ।
विदेशों में कम होगी लागतः
एक अनमैंड एयर व्हीकल को बनाने में ५०लाख रु खर्च आता है यदि एक साथ १०,००० व्हीकल बनाए जाएँ तो लागत १० लाख रु कम हो जायेगी विदेशों में इस तकनीक का व्हीकल डेढ़ करोड़ रू में मिल पाता है ।
कानपुर में आर्इआर्इटी के अनमेड व्हीकल का इस्तेमाल बीएसएफ करने जा रही है । इस तकनीक को उपयुक्त बताते हुए बीएसएफ सिग्नल कोर ने बुधवार को इसके उपयोग को मंजूरी दे दी है। यूएवी का तकनीकी परीक्षण अप्रैल से राजस्थान में शुरू होगा इसमें सफलता के बाद इस तकनीक का उपयोग सीमा सुरक्षा आैर उसकी निगरानी में किया जाएगा ।
आर्मी सिग्नल कोर के हेड मेजर जनरल संदीप शर्मा ने मंगलवार को आर्इआर्इटी की एयरों स्पेस इंजीनियरिंग लैब देखी आैर अनमैंड एरियल व्हीकल की खासियत जानी इसके बाद बुधवार को परीक्षण का समय तय कर दिया गया १० किलोग्राम का यूएवी बनाने वाले प्रो.एके घोष व प्रो.दीपू फिलिप का कहना है कि यह यूएवी जमीन से पाँच हजार फीट की उँचार्इ में १०० किलोमीटर की रफतार से उड़ने में सक्षम है ।
विदेशों में कम होगी लागतः
एक अनमैंड एयर व्हीकल को बनाने में ५०लाख रु खर्च आता है यदि एक साथ १०,००० व्हीकल बनाए जाएँ तो लागत १० लाख रु कम हो जायेगी विदेशों में इस तकनीक का व्हीकल डेढ़ करोड़ रू में मिल पाता है ।
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