nickey
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Jan 4 (2 days ago)
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योजनाबद्घ तरीके से पढें
परीक्षा में शत प्रतिशत सफलता के लिए अध्ययन क्ष्रमता बढाना जरुरी है
जैसे ही बोड परीक्ष्राएं पास आती है वैसे वैसे विघाथी कि उत्तेजन क्षमकता
बढ जाती है उन्हें जो भी पढना है उसे एक जगह नोट कर लें विषयों को दोंहराते
रहें पुराने पेपर का अध्ययन करें विषय कि रणनीति बनायें सूक्ष्म नोटस व
छोटे छोटे पैराग्राफ का अध्ययन करें नोटस में जरुरी बातों को हाइलाइट कर
दें ऐसा करने से उस बिन्दु पर बार बार ध्यान जायेंगा िजससे वों बात अच्छें
से याद हो जायेंगी। जो भी पढें उससे जुडें िचत्र,ग्राफ काे
सही से ध्यान में रखें व इसे बनाकर व िलख के भी देख लें एेसा करने से आप
भूलेगें नहीं शीषीक,उपशीषक सूक्ती वाक्य कठिन सूत्रों को एक साथ िलख लें जब
भी समय िमलें उसे दोहरातें रहें व पढ़ते समय ध्यान केंद्रित करें ऐसा करने
से जल्दी याद होगा व कठिन चीजें आसानी से समझ आयेंगी अतः ये जरुरी नहीं की
15-16 घंटे पढा जायें पर जब भी पढें ध्यान से समझ के पढें और साथ ही यह तय
कर लें कि रोज आपकोे आज क्या और कैसे पढना है तात्पय ये है कि रोज समय से
पढे इधर उधर भटकने के
बजाय स्वयं के बनायें हुए नोेेेटस से पढें अपनें घर पर ही परीक्षा केन्द्र जैसा माहौल बना लें व परीक्षा के दिये गये समय अनुसार लिखने का प्रयत्न करें ऐसा करने से परीक्षा केन्द्र के भय से मुकित मिलेगी व आत्मविशवास भी बढेगा प्रमुख नोटसः जो पढना है उसे नोट कर लें जरूरी बात को नोट करें पैराग्राफ से संबंध्हित चित्र,चाट को पढते समय मन में दोहरातें रहें अध्ययन के दौरान सकारात्मक सोच बनायें ढेर सारी किताब में न भटके चुनी हुई किताबें पढें प्रमुख वाक्य नेपोलियनः जिसे हारने का भय हो, तो वह अवश्य हारेंगा विवेकानंदः भय से मत्यु होती है व बुराई उत्पन्न होती है इमर्सनः भय सदैव अज्ञानता से उत्तपन्न होता हैं चाणक्यः अनावश्यक भय से डरकर किसी भी काम मेें लगें रहना सही नहीं है। महत्वपूण बातेंः पढाइ का मकसद स्पष्ट हाेना चाहियें। सब आता है की धारणा वालें छात्र कुछ भी नहीं सीख पाते है । विषय को सीखने आैर जानने की लालसा होनी चाहिए । जो भी पढें उसकी भौतिक उपस्िथ्त जरुरी है। विषय को सीखने जानने की लालसा होनी चाहिए। अध्ययन हमें आनंद देता है व योग्यता प्रदान करता है । फ्रंिसस बेकन डिमांडट्रेशन से समझ विकसित हाेती है । अध्ययन से सस्ता कोइ मनोरंजन नहीं व उसकी खुशी जैसी कोइ खुशी नहीं हैै।a
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